
मुंबई : ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध लगाने की माँग
सामाजिक कार्यकर्ता गणेश नानवारे ने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया l एक जनहित याचिका दायर की l ऑनलाइन जुआ देश में कई युवाओं का जीवन बर्बाद कर रहा है और हर दिन सैकड़ों युवाओं का दिवालिया हो रहे हैं। जिसे देखते हुवे सामाजिक कार्यकर्ता गणेश नानवारे (निवासी सोलापुर, वर्तमान में पुणे में) ने ऑनलाइन जुए के संबंध में मुंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका पर सुनवाई चल रही हैl न्यायालय संबंधित मामलों पर गंभीरता से विचार कर रहे है। गणेश नानवारे ने कार्येकर्ताओं के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के कारण बर्बाद हुए परिवारों की जानकारी एकत्र की है और उसे उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, प्रतिदिन लगभग 30 से 40 युवा आत्महत्या कर रहे हैं, जो एक अत्यंत गंभीर मामला है।
इस याचिका के संबंध में, उन्होंने राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई को एक लिखित बयान प्रस्तुत किया है और विस्तृत जानकारी प्रदान की है।
साथ ही, सम्मेलन में इस मुद्दे पर भी चर्चा हो रही है l गेमिंग ऐप्स का विज्ञापन करने वाली मशहूर हस्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठ रही है। वही कुछ गेमिंग कंपनियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएँ दायर की जा चुकी हैं और उन पर निर्णय प्रक्रिया चल रही है। गणेश नानवारे के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग की लत युवा पीढ़ी के भविष्य पर अंधकार डाल रही है और इस संबंध में तत्काल और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।सामाजिक कार्येकर्ता व मुंबई रिपोटर संपादक अरविन्द बनसोडे 8080616169