फिलीपींस में खनन के दवरान सायेद शमीर हुसैन 10,000 साल पुराना त्रिशूल और 3,000 साल पुराना वज्र मिला

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10 जून को मुंबई मे होगी नीलामी

मुंबई / अकबर खान

मुंबई : फिलीपींस में तांबे और सोने के खनन के दवरान मुस्लिम युवक सायेद शमीर हुसैन को 10,000 साल पुराने त्रिशूल और 3,000 साल पुराने वज्र का अनावरण किया। उनका दावा है कि यह सदियों पुराना त्रिशूल भगवान शिव का हो सकता है, और वज्र इंद्र का हथियार है, जिन्हें हिंदू धर्म में वर्षा और तूफान के देवता के रूप में जाना जाता है। बांद्रा ताज लैंड मे आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, शोधकर्ता सैयद शमीर हुसैन ने बताया कि त्रिशूल और वज्र उन्हें मई 2015 में फिलीपींस में खनन के दौरान मिले थे। वह 2012 से फिलीपींस में तांबे और सोने के खनन से जुड़े हुए हैं।

सैयद शमीर हुसैन का कहना है कि उन्होंने हजारों साल पुरानी कलाकृतियों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए पुरातत्वविदों से मुलाकात की और चर्चा भी की और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि 10,000 साल पुराना त्रिशूल सीधे भगवान शिव का है और 3,000 साल पुराना वज्र भगवान इंद्र द्वारा प्रयुक्त हथियार है। आखिर उन्होंने त्रिशूल और
वज्र की नीलामी की घोषणा
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताई l बता दे की बांद्रा स्थित मे होटल ताज लैंड्स एंड, मे त्रिशूल और वज्र की ऐतिहासिक नीलामी की घोषणा की गई l कलाकृतियों की पहली बड़े पैमाने पर नीलामी
की योजनाओं का खुलासा किया।
त्रिशूल और वज्र कलाकृतियों को
नीलामी से पहले एक प्रदर्शनी दौरे के माध्यम से
भारत के 12 प्रमुख शहरों
और पाँच देशों—जिनमें UAE,
कतर, मलेशिया, सिंगापुर और UK शामिल हैं—में प्रदर्शित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य वैश्विक
दर्शकों को भारत की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना है,
साथ ही सांस्कृतिक जागरूकता को
बढ़ावा देना है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में
शामिल अन्य गणमान्य शामिल थे

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