नासिक नगर निगम में नाटकीय घटनाक्रम… अब सत्ता में… हिमगौरी आडके – आहेर महापौर , विलास शिंदे उप महापौर. नासिक (प्रतिनिधि)] नासिक नगर निगम के महापौर और उप महापौर पदों के चुनावों में महागठबंधन ने अपना दबदबा साबित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी की हिमगौरी अडके नासिक की महापौर चुनी गई हैं, जबकि शिवसेना (शिंदे समूह) के विलास शिंदे निर्विरोध उप महापौर चुने गए हैं। इन चुनावों के साथ ही नासिक नगर निगम में भाजपा, शिवसेना (शिंदे समूह), राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार समूह) और एमएनएस का महागठबंधन बन गया है।

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हालांकि इस बार नगर निगम चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला, लेकिन वरिष्ठ स्तर के निर्णय के अनुसार शिवसेना के शिंदे गुट के साथ सरकार बनाने का फैसला किया गया। शुरुआत में आत्मनिर्भरता की बात करने वाली भाजपा ने अंततः गठबंधन का रास्ता अपनाते हुए महापौर का पद अपने पास रखा और उप महापौर का पद शिंदे गुट को दे दिया। इस प्रक्रिया में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) और एमएनएस ने भी गठबंधन का समर्थन किया है।

चयन प्रक्रिया 6 फरवरी को सुबह 11:01 बजे नगर पालिका भवन में शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरी हो गई। मेयर पद के लिए ठाकरे समूह की उम्मीदवार सीमा पवार ने अचानक अपना आवेदन वापस ले लिया। आवेदन वापस लेते समय उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से आवेदन वापस लिया है। सीमा पवार के आवेदन वापस लेने के कारण हिमगौरी अडके निर्विरोध निर्वाचित हुईं। इसी तरह, उप मेयर पद के लिए अन्य उम्मीदवारों ने भी आवेदन वापस ले लिए, जिससे विलास शिंदे के लिए रास्ता खुल गया और वे निर्विरोध निर्वाचित हो गए।

नए पदाधिकारियों का स्वागत चुनाव परिणाम घोषित होते ही नगर निगम क्षेत्र के कर्मचारियों ने पटाखे फोड़कर और ग खूब खुशी मनाई। नव निर्वाचित महापौर हिमगौरी अडके ने कहा कि महायुति नासिक के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर दो विधायक देवयानी फरंदे और सीमा हीरे ने नव निर्वाचित महापौर और उप महापौर का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

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